अपना ब्रेक-ईवन पॉइंट कैसे निकालें?
- 1एक अवधि, जैसे एक महीने, की अपनी फ़िक्स्ड लागत डालें।
- 2एक यूनिट की बिक्री कीमत और वेरिएबल लागत डालें।
- 3चाहें तो मुनाफ़े का लक्ष्य और अनुमानित बिकने वाली यूनिट भी डालें।
- 4ब्रेक-ईवन यूनिट और बिक्री, कंट्रीब्यूशन मार्जिन, लक्ष्य के लिए यूनिट और अपना सेफ़्टी मार्जिन देखें।
ब्रेक-ईवन पॉइंट का फ़ॉर्मूला क्या है?
- 01प्रति यूनिट कंट्रीब्यूशन मार्जिन = कीमत − वेरिएबल लागत
- 02कंट्रीब्यूशन मार्जिन अनुपात = कंट्रीब्यूशन ÷ कीमत
- 03ब्रेक-ईवन यूनिट = फ़िक्स्ड लागत ÷ प्रति यूनिट कंट्रीब्यूशन
- 04ब्रेक-ईवन बिक्री = फ़िक्स्ड लागत ÷ कंट्रीब्यूशन मार्जिन अनुपात
- 05मुनाफ़े के लक्ष्य के लिए यूनिट = (फ़िक्स्ड लागत + मुनाफ़े का लक्ष्य) ÷ प्रति यूनिट कंट्रीब्यूशन
- 06सेफ़्टी मार्जिन = (अनुमानित यूनिट − ब्रेक-ईवन यूनिट) ÷ अनुमानित यूनिट
हर बिकने वाली यूनिट अपनी कीमत लाती है, पर उस पर उसकी वेरिएबल लागत भी लगती है। जो बचता है — कंट्रीब्यूशन मार्जिन — वह पहले आपकी फ़िक्स्ड लागत चुकाने में जाता है। जब काफ़ी यूनिट से सारी फ़िक्स्ड लागत चुक जाती है, तो आप ब्रेक-ईवन पॉइंट पर पहुँच जाते हैं, और उसके बाद हर यूनिट का कंट्रीब्यूशन मुनाफ़ा बनता है।
उदाहरण: 50,000 महीने की फ़िक्स्ड लागत, 500 कीमत और 300 वेरिएबल लागत। हर यूनिट 200 का कंट्रीब्यूशन देती है, इसलिए ब्रेक-ईवन के लिए 50,000 ÷ 200 = 250 यूनिट, यानी 125,000 की बिक्री चाहिए। 20,000 मुनाफ़े के लिए (50,000 + 20,000) ÷ 200 = 350 यूनिट चाहिए।
सेफ़्टी मार्जिन बताता है कि आपके पास कितनी गुंजाइश है। अगर आप 400 यूनिट बेचने की उम्मीद करते हैं, तो घाटा होने से पहले बिक्री 150 यूनिट — 37.5% — गिर सकती है।
यह मानक कॉस्ट-वॉल्यूम-प्रॉफ़िट (CVP) मॉडल है। यह मानता है कि हर मात्रा पर कीमत और प्रति यूनिट वेरिएबल लागत एक जैसी रहती है, और बनी हुई हर यूनिट बिक जाती है।
ब्रेक-ईवन के लिए कितनी यूनिट बेचनी होंगी?
50,000 महीने की फ़िक्स्ड लागत, 500 कीमत और 300 प्रति यूनिट वेरिएबल लागत:
हर यूनिट 200 का कंट्रीब्यूशन देती है (कीमत का 40%), इसलिए आप 250 यूनिट पर ब्रेक-ईवन करते हैं — 1,25,000 की बिक्री।
20,000 मुनाफ़े के लिए 350 यूनिट चाहिए। 400 यूनिट बेचने पर 30,000 मिलते हैं, और सेफ़्टी मार्जिन 37.5% रहता है।
काम की बातें
- कीमत थोड़ी-सी बढ़ाने से अक्सर ब्रेक-ईवन पॉइंट फ़िक्स्ड लागत घटाने से ज़्यादा खिसकता है — पर देख लें कि ग्राहक कितना देंगे।
- प्रति यूनिट हर वेरिएबल लागत गिनें: पैकिंग, डिलीवरी, कार्ड या प्लेटफ़ॉर्म फ़ीस और सेल्स कमीशन।
- महीने के हिसाब से काम करें ताकि पता चले कि रोज़ कितनी बिक्री चाहिए: ब्रेक-ईवन यूनिट ÷ काम के दिन।
- 10–20% से कम सेफ़्टी मार्जिन धीमे महीने के लिए बहुत कम गुंजाइश छोड़ता है।
ब्रेक-ईवन — आम सवाल
ब्रेक-ईवन पॉइंट कैसे निकालते हैं?
अपनी फ़िक्स्ड लागत को प्रति यूनिट कंट्रीब्यूशन मार्जिन (कीमत − वेरिएबल लागत) से भाग दें। 30,000 फ़िक्स्ड लागत, 150 कीमत और 90 वेरिएबल लागत पर आपको 30,000 ÷ 60 = 500 यूनिट चाहिए।
बिक्री में ब्रेक-ईवन पॉइंट क्या है?
फ़िक्स्ड लागत ÷ कंट्रीब्यूशन मार्जिन अनुपात। अगर हर बिक्री का 40% कंट्रीब्यूशन है, तो 50,000 फ़िक्स्ड लागत के लिए 50,000 ÷ 0.40 = 125,000 की बिक्री चाहिए।
कंट्रीब्यूशन मार्जिन क्या होता है?
बिक्री कीमत में से एक यूनिट की वेरिएबल लागत घटाकर जो बचे। यह हर बिक्री का वह हिस्सा है जो फ़िक्स्ड लागत चुकाता है और ब्रेक-ईवन के बाद मुनाफ़ा बनता है।
सेफ़्टी मार्जिन (margin of safety) क्या है?
आपकी अनुमानित बिक्री ब्रेक-ईवन पॉइंट से कितनी ऊपर है: (अनुमानित − ब्रेक-ईवन) ÷ अनुमानित। 25% सेफ़्टी मार्जिन का मतलब है कि घाटा होने से पहले बिक्री एक-चौथाई गिर सकती है।
फ़िक्स्ड और वेरिएबल लागत क्या हैं?
फ़िक्स्ड लागत एक जैसी रहती है चाहे आप कितना भी बेचें — किराया, स्टाफ़ की सैलरी, इंटरनेट। वेरिएबल लागत हर यूनिट के साथ बढ़ती है — सामान, पैकिंग, डिलीवरी। कुछ ख़र्च थोड़े-थोड़े दोनों होते हैं; उन्हें जितना हो सके, बाँट लें।
स्रोत
- OpenStax – Principles of Accounting, Volume 2: Managerial Accounting, ब्रेक-ईवन (कॉस्ट-वॉल्यूम-प्रॉफ़िट) विश्लेषण
- U.S. Small Business Administration – अपनी शुरुआती लागत और ब्रेक-ईवन पॉइंट निकालें
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